Wednesday, 31 October 2018

पांच दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान पूर्वोत्तर की संस्कृति के विभिन्न पहलुओं का होगा प्रदर्शन

पूर्वोत्तर की खासियतों का प्रदर्शन करने वाले ‘पूर्वोत्तर का अनुभव’ (एक्सपीरिएंसिंग नॉर्थ ईस्ट) पर्व का आयोजन इंडिया इंटरनेशन सेंटर (आईआईसी)नई दिल्ली में 27-31 अक्टूबर2018 के दौरान किया जा रहा है। गंतव्य पूर्वोत्तर श्रृंखला के तहत हो रहे इस त्योहार का आयोजन पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी)पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डीओएनईआर) द्वारा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के साथ मिलकर किया जा रहा है। इसके माध्यम से पूर्वोत्तर भारत की क्षमताओं और उसकी कलाहस्तशिल्पहथकरघापर्यटनखानपानसंस्कृति आदि का प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन नाइस मेरुनोशास्त्रीय पियानोवादक और गायकों सहित प्रतिष्ठित सांस्कृतिक दलोंबैंडों और कलाकारों द्वारा विशेष प्रदर्शन किए जाएंगे।
इस त्योहार का शुभारंभ पूर्व राज्यपाल और आईआईसी के अध्यक्ष श्री एन. एन. वोहरा द्वारा 27 अक्टूबर2018 को शाम 6.30 बजे किया जाएगा।
एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डीओएनईआर मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्री एस. एन. प्रधान ने कहा कि यह कार्यक्रम एक ही जगह पर पूर्वोत्तर की विविधतापूर्ण संस्कृति और विरासत का प्रदर्शन करने के उद्देश्य से शुरू की गई “गंतव्य पूर्वोत्तर” का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इसमें पूर्वोत्तर की क्षमताओं को सामने रखा जाएगा।
त्योहार के दौरान होने वाली कार्यशालाओं का ब्योरा देते हुए डीओएनईआर मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार श्रीमती ममता शंकर ने कहा कि इस अवसर पर एनईआर में साहसिक पर्यटनपूर्वोत्तर क्षेत्र (एसटीआईएनईआर) में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीएक्ट ईस्ट और एनईआर पर केंद्रित 5 कार्यशालाओं का आयोजन होगाजिससे विचार-विमर्श और चिंतन सत्रों के लिए कई अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा पूर्वोत्तर क्षेत्र सामुदायिक संसाधन प्रबंधन परियोजना (एनईआरसीओआरएमपी)पूर्वोत्तर क्षेत्र कृषि विपणन निगम (एनईआरएएमएसी)केन और बांस प्रौद्योगिकी केंद्र (सीबीटीसी)पूर्वोत्तर ग्रामीण आजीविका परियोजना (एनईआरएलपी)पूर्वोत्तर हस्तशिल्प और हथकरघा विकास निगम (एनईएचएचडीसी) और डीओएनईआर मंत्रालय के अधीन आने वाले तमाम संगठनों द्वारा विशेष झाकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा प्रख्यात मानव विज्ञानी डॉ. वेरियर एल्विन के चित्रों सहित तमाम चित्रों की प्रदर्शन लगाई जाएगी।
इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर क्षेत्र के बुनकर भी शामिल होंगेजो अपने कौशल और बेहतरीन कृतियों का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही स्थानीय स्तर के अनोखे और जैविक उत्पादप्रसंस्कृत खाद्य पदार्थबहु-सांस्कृतिक और विविध व्यंजनों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
वहीं क्षेत्र की कला एवं साहित्यफिल्मों और संगीत प्रतिभा के माध्यम से पूर्वोत्तर की संपन्न विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इस 5 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहे गए शिलॉन्ग चैंबर कॉइरविनले रिकॉर्ड्समयूख हजारिका और कई अन्य प्रतिभाएं दिल्ली के लोगों का उत्साह बढ़ाती नजर आएंगी।
इन पहाड़ियों से आते हैं हम....हैं पूर्वोत्तर भारत की आवाज।” से पुकारे जा रहे इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के लेखों के साथ वार्ताओंपाठप्रस्तुतियोंविचार-विमर्श और संवाद सत्रों के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत की बोलियों और साहित्य जगत पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्वोत्तर पर केंद्रिय एक फिल्म समारोह का भी आयोजन होगा।

पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) के लिए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह 31 अक्टूबर को होने वाले समापन समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। इस अवसर पर जवाहरलाल नेहरू मणिपुर डांस एकेडमी द्वारा मणिपुर की रास लीला का प्रदर्शन किया जाएगा।

ये कार्यशालाएं/बी2बीसांस्कृतिक कार्यक्रमफिल्मों की स्क्रीनिंगसाहित्यिक कार्यक्रमों और व्यंजनों का प्रदर्शन क्रमशः कमला देवी ब्लॉकफ्रंट/फाउंटेन लॉनसी. डी. देशमुख ऑडिटोरियम और रोस गार्डन में होंगी। इस कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क है।

No comments:

Post a Comment