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Tuesday, 24 April 2018

अगले महीने तक 90 रुपए होगा पेट्रोल का दाम, इस वजह से बढ़ गई भारत की टेंशन

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल के सस्ते होने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बुरी खबर है. क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ा इजाफा हो सकता है और यह 80 डॉलर प्रति बैरल के स्‍तर पर पहुंच सकता है. ऐसा होने पर भारत में पेट्रोल की कीमतें 90 रुपए तक जा सकती हैं और डीजल की कीमतें भी काफी बढ़ सकती हैं. इससे महंगाई और बढ़ेगी. यह आशंका दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंशियल और रिसर्च कंपनियों में से एक जेपी मॉर्गन ने जताई है. क्रूड पहले से 2014 के बाद के उच्‍चतम स्‍तर पर है.

सीरिया संकट से बढ़ी टेंशन
जेपी मॉर्गन के मुताबिक, सीरिया की हालत और खराब होने से मध्य-पूर्व के देशों में उथल-पुथल बढ़ गई है. सीरिया संकट अभी खत्म होने वाला नहीं है. इसके अलावा, ईरान पर अमेरिका और यूरोपीयन यूनियन के प्रतिबंद्ध से आशंकाएं और गहरा गई हैं. इन हालातों में क्रूड की कीमतें आसमान छू सकती हैं. आशंका जताई गई है कि क्रूड की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच सकती हैं. अगर हालात यही रहे तो पेट्रोल-डीजल भी महंगा होगा.

सीरिया हमले के बाद से बढ़ी तनातनी
अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरियाई रसायनिक हमलों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी. सीरिया पर हमले के बाद रूस और अमेरिका में तनातनी बढ़ गई है. ऐसे में कुछ जानकार इसे तीसरे विश्व युद्ध की आहट बता रहे हैं. दुनियाभर में इसे लेकर भय का माहौल है. जेपी मॉर्गन के मुताबिक, क्रूड के दाम 80 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकते हैं, जो फिलहाल 71.85 डॉलर प्रति बैरल है. उसके मुताबिक, अमेरिका के सीरिया पर हमले से मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ गया है.

90 रुपए पहुंचेगी पेट्रोली की कीमतें
अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ईरान पर फिर से नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं. इससे क्रूड कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है. इसका गंभीर असर भारत पर होगा. मुंबई में पेट्रोल के दाम 82 रुपए तक पहुंच चुके हैं. आशंका है कि अगर क्रूड कीमतें 80 डॉलर पर पहुंचने से भारत में पेट्रोल की कीमतें 90 रुपए प्रति लीटर के स्‍तर पर पहुंच सकती हैं.

तेल रिफाइनरी घटाएंगी कीमत?
पेट्रोल-डीजल के दाम को नियंत्रित करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय, तेल रिफाइनरियों से बढ़ी कीमतों का कुछ हिस्सा वहन करने को कह सकता है. इससे उपभोक्ताओं का बोझ कम होगा. हालांकि, रिफाइनरियों का मुनाफा कम होने से सरकार को भी उससे मिलने वाले राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा.

रुपया होगा कमजोर
भारतीय ऑयल कंपनियां ज्यादातर तेल आयात करती हैं. क्रूड ऑयल की कीमतों का भुगतान भी अमेरिकी डॉलर में होता है. क्रूड के दाम बढ़ने से उन्हें डॉलर में भुगतान भी ज्यादा करना होगा. इससे रुपया कमजोर होगा. इससे अन्‍य चीजों का आयात भी महंगा हो जाएगा. इसका बुरा असर सरकार के फिस्‍कल डेफिसिट और करेंट अकाउंट डेफिसिट पर होगा.