नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू आज 125 रुपए के सिक्के को लॉन्च करेंगे. उपराष्ट्रपति द्वारा 125 रुपए के सिक्के को वैज्ञानिक और सांख्यिकीविद प्रशांत चंद्र महालनोबिस की याद में लॉन्च किया जा रहा है. 29 जून 1889 को जन्में प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने ही देश में भारतीय सांख्यिकी संस्थान की शुरुआत की थी और आज उनके 125वें जन्मदिवस पर वैंकेया नायडू द्वारा 125 रुपए के स्मारक सिक्के को लॉन्च किया जाएगा. इसके साथ ही वैंकेया नायडू 5 रुपए के नए सिक्के को भी लॉन्च करेंगे.
आपको बता दें, कि प्रशांत चंद्र महालनोबिस के जन्मदिन को देशभर में सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय और भारतीय सांख्यिकी संस्थान ने जानकारी देते हुए बताया, इस साल के सांख्यिकी दिवस की थीम 'आधिकारिक सांख्यिकी में गुणवत्ता आश्वासन' है. आपको बता दें कि भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना महालनोबिस ने 1931 में की थी. उन्होंने भारत में सांख्यिकी संस्थान की स्थापना प्रमाथ नाथ बनर्जी, निखिल रंजन सेन और सर आर एन मुखर्जी के साथ की थी.
बता दें, महालनोबिस के 125वें जन्मदिवस पर गूगल ने भी उन्हें डूडल बना कर याद किया है. गौरतलब है कि 2007 में सरकार ने 29 जून को सांख्यिकी दिवस के तौर पर घोषित किया था. सरकार द्वारा इस दिन को मनाने का फैसला इसलिए किया गया ताकि सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति निर्धारण में प्रो. महालनोबिस की भूमिका और देश के लिए किए गए उनके योगदान के बारे में युवा पीढ़ी को पता चल सके.
Source:-ZEENEWS
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आपको बता दें, कि प्रशांत चंद्र महालनोबिस के जन्मदिन को देशभर में सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय और भारतीय सांख्यिकी संस्थान ने जानकारी देते हुए बताया, इस साल के सांख्यिकी दिवस की थीम 'आधिकारिक सांख्यिकी में गुणवत्ता आश्वासन' है. आपको बता दें कि भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना महालनोबिस ने 1931 में की थी. उन्होंने भारत में सांख्यिकी संस्थान की स्थापना प्रमाथ नाथ बनर्जी, निखिल रंजन सेन और सर आर एन मुखर्जी के साथ की थी.
बता दें, महालनोबिस के 125वें जन्मदिवस पर गूगल ने भी उन्हें डूडल बना कर याद किया है. गौरतलब है कि 2007 में सरकार ने 29 जून को सांख्यिकी दिवस के तौर पर घोषित किया था. सरकार द्वारा इस दिन को मनाने का फैसला इसलिए किया गया ताकि सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति निर्धारण में प्रो. महालनोबिस की भूमिका और देश के लिए किए गए उनके योगदान के बारे में युवा पीढ़ी को पता चल सके.
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