इसमें 154 विदेशी रक्षा उत्पादकों सहित 670 से ज्यादा कंपनियां इसमें हिस्सा ले रही हैं. चार दिवसीय प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन 12 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे.
2016 में पहली बार डिफेंस एक्सपो का आयोजन दिल्ली से बाहर गोवा में किया गया था. तब रिकॉर्ड 44 देशों की 843 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इस साल एक्सपो पिछले एक्सपो से करीब 25% ज्यादा क्षेत्र में फैला हुआ है.
एक्सपो में भारत द्वारा निर्मित लैंड, एयर और नेवल सिस्टम का लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा. 155 एमएम एडवांस आर्टिलरी गन धनुष, तेजस लड़ाकू विमान, अर्जुन मार्क-2 टैंक, ब्रिज बनाने वाले टैंक (बीएटीज) को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है. साथ ही डीआरडीओ द्वारा निर्मित निर्भय मिसाइल सिस्टम, मानव-रहित वाहन, अस्त्र मिसाइल, लो-लेवल ट्रांसपोर्टेबल रडार, मध्यम शक्ति रडार सिस्टम, वरुणस्त्र एंटी-सबमेराइन टोरपेडो भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे.
रक्षा मंत्रालय के सचिव अजय कुमार ने बताया कि इस एक्सपो के जरिए देश में हो रहे रक्षा निर्माण की क्षमता को विश्व के रक्षापटल पर दिखाया जाएगा. हम रक्षा निर्माण में तेजी से उभर रहे हैं. यही वजह है कि भारत में बीते साल 55 हजार करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों का निर्माण हुआ. उन्होंने कहा कि हम अपने रक्षा उत्पादों को निर्यात करने की संभावनाएं भी टटोल रहे हैं.
भारत की भव्य रक्षा प्रदर्शनी तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के तिरूवेदांती में शुरू हो गयी है. प्रदर्शनी में घरेलू रक्षा कंपनियों के अलावा दुनिया भर से आई रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनियां आधुनिक हथियारों और रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं. इस बार रक्षा एक्सपो का विषय 'भारत: रक्षा निर्माण में उभरता हुआ हब' रखा गया है. आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें...
Source:-Aajtak
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2016 में पहली बार डिफेंस एक्सपो का आयोजन दिल्ली से बाहर गोवा में किया गया था. तब रिकॉर्ड 44 देशों की 843 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इस साल एक्सपो पिछले एक्सपो से करीब 25% ज्यादा क्षेत्र में फैला हुआ है.
एक्सपो में भारत द्वारा निर्मित लैंड, एयर और नेवल सिस्टम का लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा. 155 एमएम एडवांस आर्टिलरी गन धनुष, तेजस लड़ाकू विमान, अर्जुन मार्क-2 टैंक, ब्रिज बनाने वाले टैंक (बीएटीज) को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है. साथ ही डीआरडीओ द्वारा निर्मित निर्भय मिसाइल सिस्टम, मानव-रहित वाहन, अस्त्र मिसाइल, लो-लेवल ट्रांसपोर्टेबल रडार, मध्यम शक्ति रडार सिस्टम, वरुणस्त्र एंटी-सबमेराइन टोरपेडो भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे.
रक्षा मंत्रालय के सचिव अजय कुमार ने बताया कि इस एक्सपो के जरिए देश में हो रहे रक्षा निर्माण की क्षमता को विश्व के रक्षापटल पर दिखाया जाएगा. हम रक्षा निर्माण में तेजी से उभर रहे हैं. यही वजह है कि भारत में बीते साल 55 हजार करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों का निर्माण हुआ. उन्होंने कहा कि हम अपने रक्षा उत्पादों को निर्यात करने की संभावनाएं भी टटोल रहे हैं.
भारत की भव्य रक्षा प्रदर्शनी तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के तिरूवेदांती में शुरू हो गयी है. प्रदर्शनी में घरेलू रक्षा कंपनियों के अलावा दुनिया भर से आई रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनियां आधुनिक हथियारों और रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं. इस बार रक्षा एक्सपो का विषय 'भारत: रक्षा निर्माण में उभरता हुआ हब' रखा गया है. आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें...
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