Tuesday, 24 April 2018

अगले महीने तक 90 रुपए होगा पेट्रोल का दाम, इस वजह से बढ़ गई भारत की टेंशन

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल के सस्ते होने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बुरी खबर है. क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ा इजाफा हो सकता है और यह 80 डॉलर प्रति बैरल के स्‍तर पर पहुंच सकता है. ऐसा होने पर भारत में पेट्रोल की कीमतें 90 रुपए तक जा सकती हैं और डीजल की कीमतें भी काफी बढ़ सकती हैं. इससे महंगाई और बढ़ेगी. यह आशंका दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंशियल और रिसर्च कंपनियों में से एक जेपी मॉर्गन ने जताई है. क्रूड पहले से 2014 के बाद के उच्‍चतम स्‍तर पर है.

सीरिया संकट से बढ़ी टेंशन
जेपी मॉर्गन के मुताबिक, सीरिया की हालत और खराब होने से मध्य-पूर्व के देशों में उथल-पुथल बढ़ गई है. सीरिया संकट अभी खत्म होने वाला नहीं है. इसके अलावा, ईरान पर अमेरिका और यूरोपीयन यूनियन के प्रतिबंद्ध से आशंकाएं और गहरा गई हैं. इन हालातों में क्रूड की कीमतें आसमान छू सकती हैं. आशंका जताई गई है कि क्रूड की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच सकती हैं. अगर हालात यही रहे तो पेट्रोल-डीजल भी महंगा होगा.

सीरिया हमले के बाद से बढ़ी तनातनी
अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरियाई रसायनिक हमलों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी. सीरिया पर हमले के बाद रूस और अमेरिका में तनातनी बढ़ गई है. ऐसे में कुछ जानकार इसे तीसरे विश्व युद्ध की आहट बता रहे हैं. दुनियाभर में इसे लेकर भय का माहौल है. जेपी मॉर्गन के मुताबिक, क्रूड के दाम 80 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकते हैं, जो फिलहाल 71.85 डॉलर प्रति बैरल है. उसके मुताबिक, अमेरिका के सीरिया पर हमले से मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ गया है.

90 रुपए पहुंचेगी पेट्रोली की कीमतें
अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ईरान पर फिर से नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं. इससे क्रूड कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है. इसका गंभीर असर भारत पर होगा. मुंबई में पेट्रोल के दाम 82 रुपए तक पहुंच चुके हैं. आशंका है कि अगर क्रूड कीमतें 80 डॉलर पर पहुंचने से भारत में पेट्रोल की कीमतें 90 रुपए प्रति लीटर के स्‍तर पर पहुंच सकती हैं.

तेल रिफाइनरी घटाएंगी कीमत?
पेट्रोल-डीजल के दाम को नियंत्रित करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय, तेल रिफाइनरियों से बढ़ी कीमतों का कुछ हिस्सा वहन करने को कह सकता है. इससे उपभोक्ताओं का बोझ कम होगा. हालांकि, रिफाइनरियों का मुनाफा कम होने से सरकार को भी उससे मिलने वाले राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा.

रुपया होगा कमजोर
भारतीय ऑयल कंपनियां ज्यादातर तेल आयात करती हैं. क्रूड ऑयल की कीमतों का भुगतान भी अमेरिकी डॉलर में होता है. क्रूड के दाम बढ़ने से उन्हें डॉलर में भुगतान भी ज्यादा करना होगा. इससे रुपया कमजोर होगा. इससे अन्‍य चीजों का आयात भी महंगा हो जाएगा. इसका बुरा असर सरकार के फिस्‍कल डेफिसिट और करेंट अकाउंट डेफिसिट पर होगा.

Monday, 23 April 2018

महाभियोग प्रस्ताव लाकर कांग्रेस ने खुदकुशी की, इसे शुरू में ही फेंक देना चाहिए था: सुब्रमण्यम स्वामी

नई दिल्ली: प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस के खारिज पर सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार (23 अप्रैल) को कहा कि इस नोटिस पर निर्णय लेने में दो दिन लेना ही नहीं चाहिए था, बल्कि जिस दिन विपक्ष ने इस प्रस्ताव के लिए राज्यसभा के सभापति (वेंकैया नायडू) को नोटिस दिया उसी दिन उन्हें इसे रद्द कर देना चाहिए था. सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, 'उन्होंने (वेंकैया नायडू ने) बिल्कुल सही फैसला किया है. उन्हें निर्णय देने के लिए दो दिन की भी जरूरत नहीं थी. इस महाभियोग प्रस्ताव को शुरू में ही फेंक देना चाहिए था. कांग्रेस ने ऐसा करके खुदकुशी की है.'

वेंकैया नायडू ने नामंजूर किया महाभियोग प्रस्ताव
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा को ‘पद से हटाने’ के लिए कांग्रेस एवं अन्य दलों की ओर से दिये गये नोटिस पर कानूनविदों से विस्तृत विचार विमर्श के बाद सोमवार (23 अप्रैल) को उसे नामंजूर कर दिया. राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार नायडू ने कांग्रेस सहित सात दलों के नोटिस को नामंजूर करने के अपने फैसले की जानकारी राज्यसभा के महासचिव देश दीपक वर्मा को दे दी है.

7 दलों ने दिया था महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस
बीते 20 अप्रैल को कांग्रेस और छह अन्य विपक्षी दलों ने देश के प्रधान न्यायाधीश पर ‘कदाचार’ और ‘पद के दुरुपयोग’ का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दिया था. महाभियोग प्रस्ताव पर कुल 71 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे, जिनमें सात सदस्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं. महाभियोग के नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों में कांग्रेस, राकांपा, माकपा, भाकपा, सपा, बसपा और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के सदस्य शामिल थे. यह कदम प्रधान न्यायाधीश के नेतृत्व वाली उच्चतम न्यायालय की एक पीठ द्वारा उन याचिकाओं को खारिज किये जाने के एक दिन बाद आया था, जिनमें विशेष सीबीआई न्यायाधीश बी एच लोया की मृत्यु की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी.


Source:-Zeenews

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Saturday, 21 April 2018

भारतीय महिला ने कोर्ट में कहा: PAK में रहना चाहती हूं, मर्जी से निकाह किया है किसी दबाव में नहीं

लाहौर: लाहौर हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह पाकिस्तानी नागरिकता और अपने वीजा की अवधि बढ़ाने का अनुरोध करने वाली भारतीय महिला की अर्जी पर तीन दिन के भीतर निर्णय करे. यह महिला यहां सिखों के बैसाखी महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए आयी थी लेकिन उसने यहां एक स्थानीय युवक से विवाह करने के बाद इस्लाम धर्म अपना लिया. पंजाब के होशियारपुर जिला निवासी मनोहर लाल की पुत्री किरण बाला ( आमना बीबी ) बैसाखी महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए गत 12 अप्रैल को एक विशेष ट्रेन से लाहौर आयी थी.

महिला ने यहां की अपनी यात्रा के दौरान इस्लाम अपना लिया और लाहौर के हिंगरवाल निवासी एक व्यक्ति से गत 16 अप्रैल को निकाह कर लिया.  एक अदालत के अधिकारी ने सुनवायी के बाद बताया कि , ‘‘ लाहौर लाहौर हाईकोर्ट के न्यायाधीश जवादुल हसन ने गृह मंत्रालय को आमना बीबी ( किरण बाला ) की अर्जी पर आगामी सोमवार तक निर्णय करने के लिए कहा जिसमें उसने पाकिस्तानी नागरिकता और अपने वीजा की अविध बढ़ाने का अनुरोध किया है. ’’ उन्होंने कहा कि भारतीय महिला ने लाहौर हाईकोर्ट में अपनी अर्जी अधिवक्ता इजाज अहमद के जरिये दायर की है.

मैं यहां पर अपने पति के साथ बहुत खुश हूं और वापस नहीं जाना चाहती. मैंने इस्लाम अपना लिया है और मेरा नया नाम आमना है.  ’’ उसने कहा,‘‘ एक पाकिस्तानी व्यक्ति से विवाह करने के बाद मैं पाकिस्तानी नागरिकता कानून 1951 की धारा 10 (2) के तहत नागरिकता प्राप्त करने की हकदार हूं. ’’ महिला ने इसके साथ ही अदालत से अनुरोध किया कि वह गृह मंत्रालय को उसका वीजा बढ़ाने का निर्देश दे ताकि वह पाकिस्तान में अपने पति के साथ रह सके.

पाकिस्तान और भारत के बीच तब कड़वाहट उत्पन्न हो गई जब भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह बैसाखी महोत्सव का इस्तेमाल भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को ‘खालिस्तान’ मुद्दे पर भड़काने के लिए कर रहा है. पाकिस्तान ने इस आरोप को खारिज किया है. पहले सऊदी अरब में काम करने वाले आजम ने अदालत परिसर में संवाददाताओं से कहा कि वह किरण बाला से निकाह करने के लिए देश लौटा है. उसने कहा, ‘‘ हम फेसबुक के जरिये मित्र बने और हमने निकाह करने का निर्णय किया. ’’

Source:-Zeenews

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Thursday, 19 April 2018

वैश्विक व्यवस्था में बढ़ा भारत का कद, दुनिया ने माना लोहा: मोदी

लंदन के वेस्टमिंस्टर हॉल से दुनिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बीते चार साल के दौरान देश के पासपोर्ट की ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है. दुनियाभर के देशों में भारतीय पासपोर्ट को आज सम्मान के साथ देखा जाता है.  प्रधानमंत्री मोदी ने यह दावा न्यू इंडिया और न्यू वर्ल्ड ऑडर पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिया.

लंदन के हॉल में बैठे अप्रवासी भारतीयों से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंग्लैंड में रह रहे लोग इस बात को महसूस करते होंगे कि बीते कुछ वर्षो में भारत के पासपोर्ट की ताकत किस हद तक बढ़ चुकी है. मोदी ने कहा कि अब कोई भारतीय पासपोर्ट लेकर किसी दूसरे देश पहुंचता है तो उसे बड़े गर्व के साथ देखा जाता है. मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान पहले भी था, लेकिन यह बदलाव बीते कुछ वर्षों से महसूस किया जा रहा है.

न्यू इंडिया और न्यू वर्ल्ड ऑर्डर की दलील पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 23 साल तक कोई भारतीय यूएई नहीं गया. हालांकि यूएई जाने से उन्हें किसी ने रोका नहीं था. लेकिन यह वैश्विक स्तर पर भारत की शक्ति का सीधा उदाहरण है कि इस देश के विकास के केन्द्र में आज भारतीय नागरिक अहम भूमिका अदा कर रहे हैं. वैश्विक व्यवस्था पर पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद दुनियाभर में मेरी आलोचना की गई कि भला कोई चाय बेचने वाला इंसान विदेश नीति को कैसे समझेगा. लेकिन अब चार साल बाद यह सवाल नहीं उठाया जाता. इसके पीछे सिर्फ एक तर्क है कि मेरे पीछे देश के सवा सौ करोड़ नागरिक खड़े हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि वह दुनिया को भारत का सत्य समझाने में सफल होंगे. इंग्लैंड दौरे का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि प्रिंस चार्ल्स भारत आकर निजी तौर पर मुझे निमंत्रण देकर गए, उन्होंने मुझे निजी रूप चिट्ठी लिखी. भारत ने अपने व्यवहार के द्वारा किसी भी भेदभाव के बिना, दुनिया के किसी भी देश के साथ भारत ने न किसी के साथ आंख झुकाकर बात की और न किसी के साथ आंख उठाकर की, बल्कि आंख मिलाकर बात की. इसके चलते आज वैश्विक स्तर भारत लीडर के रूप में उभरा है और इस भूमिका में भारत एक नए विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है.


Source:-Aajtak

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Wednesday, 11 April 2018

डिफेंस एक्सपो में भारत दिखाएगा हथियार, एयरक्राफ्ट बनाने की ताकत

इसमें 154 विदेशी रक्षा उत्पादकों सहित 670 से ज्यादा कंपनियां इसमें हिस्सा ले रही हैं. चार दिवसीय प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन 12 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे.

2016 में पहली बार डिफेंस एक्सपो का आयोजन दिल्ली से बाहर गोवा में किया गया था. तब रिकॉर्ड 44 देशों की 843 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इस साल एक्सपो पिछले एक्सपो से करीब 25% ज्यादा क्षेत्र में फैला हुआ है.

एक्सपो में भारत द्वारा निर्मित लैंड, एयर और नेवल सिस्टम का लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा. 155 एमएम एडवांस आर्टिलरी गन धनुष, तेजस लड़ाकू विमान, अर्जुन मार्क-2 टैंक, ब्रिज बनाने वाले टैंक (बीएटीज) को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है. साथ ही डीआरडीओ द्वारा निर्मित निर्भय मिसाइल सिस्टम, मानव-रहित वाहन, अस्त्र मिसाइल, लो-लेवल ट्रांसपोर्टेबल रडार, मध्यम शक्ति रडार सिस्टम, वरुणस्त्र एंटी-सबमेराइन टोरपेडो भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे.

रक्षा मंत्रालय के सचिव अजय कुमार ने बताया कि इस एक्सपो के जरिए देश में हो रहे रक्षा निर्माण की क्षमता को विश्व के रक्षापटल पर दिखाया जाएगा. हम रक्षा निर्माण में तेजी से उभर रहे हैं. यही वजह है कि भारत में बीते साल 55 हजार करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों का निर्माण हुआ. उन्होंने कहा कि हम अपने रक्षा उत्पादों को निर्यात करने की संभावनाएं भी टटोल रहे हैं.

भारत की भव्य रक्षा प्रदर्शनी तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के तिरूवेदांती में शुरू हो गयी है. प्रदर्शनी में घरेलू रक्षा कंपनियों के अलावा दुनिया भर से आई रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनियां आधुनिक हथियारों और रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं. इस बार रक्षा एक्सपो का विषय 'भारत: रक्षा निर्माण में उभरता हुआ हब' रखा गया है. आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें...

Source:-Aajtak

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Tuesday, 10 April 2018

5 बिंदुओं में समझिए BJP, सरकार और देश के लिए जेटली की अहमियत

वित्त मंत्री अरुण जेटली किडनी संबंधित समस्याओं से जूझ रहे हैं. दिल्ली के एम्स में डायलिसिस कराने के बाद वह सोमवार को अपने घर लौट आए. उनका किडनी ट्रांसप्लांट फिलहाल नहीं हो पाया है. गंभीर रूप से बीमार रहने के बावजूद जेटली ने काम करना बंद नहीं किया है. इसकी वजह शायद यही हो सकती है कि उनके कंधों पर काम की जिम्मेदारी बहुत ज्यादा है.

गत 5 अप्रैल को अपनी सेहत की जानकारी सार्वजनिक करते हुए जेटली ने एक ट्वीट किया था कि वह किडनी से संबंधि‍त कुछ समस्याओं और संक्रमण से जूझ रहे हैं. उन्होंने बताया था कि फिलहाल वह घर पर ही नियंत्रित वातावरण में रह रहे हैं.

1. सरकार

सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) संभवत: सरकार का सबसे हाई-प्रोफाइल समूह है. प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं और इसमें रक्षा, वित्त, गृह और विदेश मंत्री शामिल होते हैं. नरेंद्र मोदी सरकार ने जब 26 मई, 2014 को शपथग्रहण किया तो जेटली को दो महत्वपूर्ण विभाग वित्त और रक्षा मंत्रालय दिए गए. इस तरह सीसीएस के चार मंत्रालयों में से दो उनके पास थे.

2. विपक्ष के नेता

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान अरुण जेटली को राज्यसभा में विपक्ष के नेता जैसा महत्वपूर्ण दायित्व मिला था. राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में वह मनमोहन सिंह सरकार पर बीजेपी के हमलों के दौरान अगुआ रहते थे. तत्कालीन वित्त और गृह मंत्री पी. चिदम्बरम से राज्यसभा में उनकी वैसी ही लंबी बहसें होती थीं, जैसे दो वकील किसी अदालत में जिरह कर रहे हों. दोनों नेता देश के जाने-माने वकील हैं.

3. मोदी के करीबी

अरुण जेटली को हमेशा ही नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है. माना जाता है कि साल 2001 में गुजरात में पहली बार नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री बनवाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. इसके बाद साल 2013 में मोदी के बीजेपी प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनने में भी अरुण जेटली की अहम भूमिका रही. ऐसा माना जाता है कि साल 2002 के गुजरात दंगों के बाद जब नरेंद्र मोदी की स्थ‍िति थोड़ी कमजोर हुई, तो जेटली ने उन्हें मजबूती से समर्थन दिया.

4. चुनावी राजनीति

अरुण जेटली हमेशा से ही बीजेपी के महत्वपूर्ण रणनीतिकार रहे हैं. बीजेपी के मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह के राष्ट्रीय फलक पर उभरने से काफी पहले से ही जेटली लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी की रणनीति बनाने के लिहाज से एक प्रमुख खिलाड़ी रहे हैं.

5. वकील

एक जाने-माने वकील के रूप में भी अरुण जेटली की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. उन्होंने विभिन्न अदालतों में अपनी पार्टी बीजेपी और पार्टी के कई नेताओं का भी बचाव किया है. अरुण जेटली से जुड़े करीबी सूत्रों ने इंडिया टुडे-आजतक को बताया कि उन्होंने गुजरात दंगों के मामलों में कई अदालतों में मोदी का भी बचाव किया है. विवादास्पद सोहराबुद्दीन और इशरत जहां एनकाउंटर मामले में उन्होंने अमित शाह का भी बचाव किया है. जेटली या तो ऐसे मामलों में खुद कोर्ट में पैरवी के लिए गए या उन्होंने पैरवी कर रहे वकीलों का मार्गदर्शन किया.

Source:-Aajtak

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Sunday, 8 April 2018

कांग्रेस की आर्थिक नीति का विरोध करते-करते बीजेपी बनी उसी में चैम्पियन

विडंबना देखिए कि 2014 के लोकसभा चुनावों में प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार को आर्थिक नीतियों पर जमकर कोसा. प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने विकल्प के तौर पर कांग्रेस से उलट आर्थिक नीति की पेशकश की और सत्ता पर काबिज हुई. विडंबना यह कि 1980 में बनी इस पार्टी के पास कोई स्पष्ट आर्थिक नीति नहीं थी और अब लगभग चार साल तक सत्ता पर काबिज रहने के बाद विकल्प देना तो दूर कहा जा सकता है कि दोनों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी की आर्थिक नीति में कोई अंतर नहीं है.

इसी नतीजे को आधार बनाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने 2004 के लोकसभा चुनावों से पहले शाइनिंग इंडिया का मसौदा रखा. इस मसौदे के साथ पार्टी ने अपनी नीति भी स्पष्ट की कि मुक्त व्यापार के जरिए ही समाज के सभी क्षेत्र उन्नत कर सकेंगे. आर्थिक नीति में यह बदलाव सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर देखने को नहीं मिला. भारतीय जनता पार्टी शाषित प्रमुख राज्यों में भी इस नीति पर पहल हुई और इसका भी नतीजा रहा कि पार्टी द्वारा शाषित राज्यों में विकास दर में अच्छी बढ़त देखने को मिली.

इसके बाद 2004 से लेकर 2014 तक एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में बैठी. इस दौरान एक बार फिर पार्टी ने कांग्रेस की आर्थिक नीतियों का विरोध शुरू किया. बात देश में एक कर व्यवस्था लागू करने की हो तो पार्टी ने कांग्रेस के मसौदे को पूरी तरह नकार दिया. या फिर कांग्रेस सरकार द्वारा इनकम टैक्स में इजाफे की पहले हो तो इनकम टैक्स की व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करने की दलील दी गई. लेकिन 2014 में जब पार्टी सत्ता में वापसी करती है तो उसी जीएसटी को सबसे बड़े सुधार के तौर पर लागू किया गया. वहीं बीते चार साल के कार्यकाल के दौरान इनकम टैक्स को खत्म करने की दलील तो दूर सरकार की कमाई बढ़ाने के लिए लगातार टैक्स दायरे को बढ़ाने का काम किया गया. लिहाजा, यह कहा जाए कि सत्ता में बैठी कांग्रेस और बीजेपी की आर्थिक नीति में कोई अंतर नहीं है तो इसके पक्ष में मजबूत तर्क सरकार ने कार्यकाल के दौरान पेश किया है.

Source:-Aajtak

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Saturday, 7 April 2018

CWG 2018: एक गलती से हॉकी मैच जीतने से चूका भारत, PAK से बराबरी पर छूटा मुकाबला

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला 2-2 की बराबरी पर खत्म हुआ. पाकिस्तान ने खेल के आखिरी मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से गोलकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया. हालांकि इस मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाने के बावजूद अंतिम पलों में एक चूक भारत पर भारी पड़ी.

इस मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही जोरदार हमले किए. भारत की तरफ से पहला गोल 13वें मिटन में 18 साल के दिलप्रीत सिंह ने किया. कॉमनवेल्थ खेलों में यह उनका पहला गोल था. इसके बाद दूसरा गोल पेनल्टी कॉर्नर पर हरमप्रीत सिंह ने 19वें मिनट में किया. पाकिस्तान की ओर से मो. इरफान जूनियर ने 38 में मिनट में गोल किया. इसके अलावा 60वें मिनट में अली मुबाशर पेनल्टी कॉर्नर से गोलकर पाकिस्तान की लाज बचाई.

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबलों का एक अलग इतिहास रहा है. यह सिर्फ मैच नहीं, बल्कि यहां दोनों देशों के प्रशंसकों की भावनाओं का प्रदर्शन होता है. इस मुकाबले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला.

Source:-Aajtak

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Friday, 6 April 2018

IIMC एलुम्नाई मीट: लखनऊ, बेंगलुरू और गुवाहाटी में जुटे पूर्व छात्र, ताजा की पुरानी यादें

नई दिल्ली: आईआईएमसी एलुम्नाई एसोसिएशन (ईमका) के देशव्यापी सालाना मिलन समारोहों की श्रृंखला में एसोसिएशन के उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पूर्वोत्तर चैप्टर का एनुअल एलुम्नाई मीट कनेक्शन्स 2018 लखनऊ, बेंगलुरु और गुवाहाटी में आयोजित हुआ. एलुम्नाई मीट में शामिल हुए पूर्व छात्र-छात्राओं ने संस्थान से जुड़ी पुरानी यादें ताजा की. वक्ताओं ने नेटवर्किंग को एसोसिएशन के सांगठनिक विस्तार और एलुम्नाई के प्रोफेशनल विकास में अहम बताया.

कर्नाटक चैप्टर मीट में ईमका की गतिविधियां बढ़ाने पर जोर
कर्नाटक चैप्टर का सालाना मीट कनेक्शन्स बेंगलुरू रिट्स कार्ल्टन होटल में आयोजित हुआ जिसकी अध्यक्षता चैप्टर के अध्यक्ष रमेश मुनिय्प्पा ने की. मंच संचालन पूजा उपाध्याय ने किया जबकि स्वागत चैप्टर के संगठन सचिव चैतन्या कृष्णराजू ने किया. बेंगलुरू मीट को संबोधित करते हुए वरिष्ठ एलुम्नाई रेणु कक्कड़ ने एसोसिएशन और एलुम्नाई दोनों के लिए नेटवर्किंग के पॉजिटिव फायदे गिनाए. चैप्टर महासचिव रमा नेदुनगडी ने कर्नाटक में ईमका की गतिविधियां बढ़ाने का भरोसा दिलाया.

चैप्टर उपाध्यक्ष और असम पुलिस सर्विस के वरिष्ठ अधिकारी नुमल महट्टा ने चैप्टर में गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया तो उपाध्यक्ष मनोज खंडेलवाल ने स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम करने के महत्व पर प्रकाश डाला. ईमका महासचिव मिहिर रंजन ने 2012 में ईमका के गठन से अब तक के सफर पर प्रकाश डाला. गौहाटी मीट को महाराष्ट्र चैप्टर के प्रतिनिधि नीरज बाजपेई, ईमका के संगठन सचिव प्रथम द्ववेदी, चैप्टर के कोषाध्यक्ष मानस प्रतिम सरमा समेत अन्य ने भी संबोधित किया.

आपको बता दें कि दिल्ली में 18 फरवरी को शुरू हुए ईमका कनेक्शन्स के तहत देश-विदेश के अलग-अलग शहरों में आईआईएमसी के पुराने छात्र-छात्राएं हर साल मिलते हैं. 22 अप्रैल को चंडीगढ़ में इस साल काआखिरी ईमका कनेक्शन्स के आयोजन से पहले कुल 15 शहरों में एलुम्नाई मीट का आयोजन होगा.

Source:-Zee News

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Wednesday, 4 April 2018

सीबीएसई के प्रश्न पत्र बोर्ड स्तर पर या फिर बैंकों में लीक हुए : पुलिस

नई दिल्ली: सीबीएसई की कक्षा दसवीं के गणित और 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र के प्रश्न पत्र लीक की जांच में लगी पुलिस का मानना है कि या तो प्रश्न पत्र बोर्ड अधिकारियों के पास होने के दौरान लीक हुए या फिर उस समय लीक हुए जब वे बैंकों में रखे हुए थे. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.

टिप्पणियां उन्होंने बताया कि पुलिस सीबीएसई अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है. अब तक सीबीएसई के किसी अधिकारी से पूछताछ नहीं की गई है.

दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई प्रश्नपत्रों के लीक होने को लेकर दो मामले दर्ज किये है. पहला मामला अर्थशास्त्र के प्रश्न पत्र के लीक होने से संबंधित 27 मार्च को दर्ज किया गया था जबकि एक अन्य मामला गणित के प्रश्न पत्र के लीक होने के संबंध में 28 मार्च को दर्ज किया गया था.

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